A PARALLEL HISTORY OF MITHILA & MAITHILI
LITERATURE [Series ISBN Number: 978-93-5812-486-6]
गद्य पद्य भारती खण्ड १ आ २ (विदेह सदेह २८ & विदेह
सदेह ३७) [खण्ड १ ISBN
No: 978-93-341-0402-8; खण्ड २ ISBN No: 978-93-5890-150-4]
I.
A PARALLEL HISTORY OF MITHILA & MAITHILI
LITERATURE [TOME 1-4; VOLUMES 1-100] BY GAJENDRA THAKUR
[Parallel History Series ISBN Number:
978-93-5812-486-6]
GOOGLE PLAY BOOK [TOME
1-4; VOLUMES 1-100]
https://play.google.com/store/books/details?id=uvjREQAAQBAJ
AMAZON KINDLE [TOME 1-4; VOLUMES 1-100]
https://www.amazon.in/dp/B0GX2XRKM7
POTHI HARDBACK
POTHI TOME 1 [VOLUMES 01-25]
https://store.pothi.com/book/gajendra-thakur-parallel-history-mithila-maithili-literature/
POTHI TOME 2 [VOLUMES 26-50]
https://store.pothi.com/book/gajendra-thakur-parallel-history-mithila-maithili-tome-2/
POTHI TOME 3 [VOLUMES 51-75]
POTHI TOME 4 [VOLUMES 76-100]
II.
गद्य पद्य भारती खण्ड १ आ २ (विदेह सदेह २८ & विदेह
सदेह ३७)
[विभिन्न
भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य रचना (खण्ड-१) & (खण्ड-२)
(विदेह www.videha.co.in/ पेटार अंक १-३५० सँ)]
[खण्ड
१ ISBN No: 978-93-341-0402-8; खण्ड २ ISBN
No: 978-93-5890-150-4]
१
विदेह सदेह २८
विभिन्न भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य रचना (खण्ड-१) (विदेह www.videha.co.in/ पेटार अंक १-३५० सँ)
https://store.pothi.com/book/editor-gajendra-thakur-gadya-padya-bharti-1/
२
विदेह सदेह ३७
विभिन्न भाषासँ अनूदित गद्य आ पद्य रचना (खण्ड-२) (विदेह www.videha.co.in/ पेटार अंक १-३५० सँ)
https://store.pothi.com/book/translator-gajendra-thakur-gadya-padya-bharti-2/


No comments:
Post a Comment
"विदेह" प्रथम मैथिली पाक्षिक ई पत्रिका http://www.videha.co.in/:-
सम्पादक/ लेखककेँ अपन रचनात्मक सुझाव आ टीका-टिप्पणीसँ अवगत कराऊ, जेना:-
1. रचना/ प्रस्तुतिमे की तथ्यगत कमी अछि:- (स्पष्ट करैत लिखू)|
2. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो सम्पादकीय परिमार्जन आवश्यक अछि: (सङ्केत दिअ)|
3. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो भाषागत, तकनीकी वा टंकण सम्बन्धी अस्पष्टता अछि: (निर्दिष्ट करू कतए-कतए आ कोन पाँतीमे वा कोन ठाम)|
4. रचना/ प्रस्तुतिमे की कोनो आर त्रुटि भेटल ।
5. रचना/ प्रस्तुतिपर अहाँक कोनो आर सुझाव ।
6. रचना/ प्रस्तुतिक उज्जवल पक्ष/ विशेषता|
7. रचना प्रस्तुतिक शास्त्रीय समीक्षा।
अपन टीका-टिप्पणीमे रचना आ रचनाकार/ प्रस्तुतकर्ताक नाम अवश्य लिखी, से आग्रह, जाहिसँ हुनका लोकनिकेँ त्वरित संदेश प्रेषण कएल जा सकय। अहाँ अपन सुझाव ई-पत्र द्वारा ggajendra@videha.com पर सेहो पठा सकैत छी।
"विदेह" मानुषिमिह संस्कृताम् :- मैथिली साहित्य आन्दोलनकेँ आगाँ बढ़ाऊ।- सम्पादक। http://www.videha.co.in/